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श्री उमिया परिवार उत्कर्ष निधि ज्योतिरथ

श्री उमिया परिवार उत्कर्ष निधि ज्योतिरथ मध्यप्रदेश की यात्रा का शुभारम्भ दिनांक 15-11-2002 को हुआ था I श्री उमिया माताजी संस्थान उंझा के अध्यक्ष श्री केशवलालजी पटेल एवं संस्था के सदस्यगण ज्योतिरथ के साथ गुजरात-मध्यप्रदेश कि सीमा के प्रथम ग्राम पिटोल तक आये थे I ज्योतिरथ की भव्य अगवानी मध्यप्रदेश के हजारों कार्यकर्ताओं ने की थी I विधिवत ज्योतिरथ का प्रभार मध्यप्रदेश के पदाधिकारियों को सौपा गया था I झाबुआ नगर की शोभायात्रा में सैकड़ों मोटर-साईकिलों एवं कारों का काफिला प्रभावशाली रहा I

श्री उमिया माताजी ज्योतिरथ की यात्रा मध्यप्रदेश के दस जिलों कि पैतीस तहसीलों के 566 ग्रामों में उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई I विस्तृत जानकारी इस प्रकार है I जिला-झाबुआ में यात्रा ग्राम 24 व यात्रा दिवस 12, जिला-धार में यात्रा ग्राम 79 व यात्रा दिवस-81, जिला-इन्दोर में यात्रा ग्राम 26 व यात्रा दिवस 20 , जिला देवास में यात्रा ग्राम 69 व यात्रा दिवस 64, जिला शाजापुर में यात्रा ग्राम 68 व यात्रा दिवस 69, जिला राजगढ़ में यात्रा ग्राम 15 व यात्रा दिवस 12, जिला खरगोन में यात्रा ग्राम 110 व यात्रा दिवस 102, जिला बडवानी में यात्रा ग्राम 11 व यात्रा दिवस 10, जिला सीहोर में यात्रा ग्राम 24 व यात्रा दिवस 19, जिला उज्जैन में यात्रा ग्राम 90 व यात्रा दिवस 55 I ज्योतिरथ यात्रा में दान राशि लेने के तीन तरीके अपनाये जा रहे थे I

१- उछावणी के द्वारा - श्री उमिया ज्योतिरथ यात्रा में उछावणीयों के माध्यम से दान राशि प्राप्त करने में अभूतपूर्व सहयोग मिला I उछावणीयों में "चुनरी अर्पण" की उछावणी समाज के दान-दाताओं ने बहुत महत्त्व दिया I जो परिवार चुनरी कि बोली 31,000 रुपये से अधिक लगते थे, उनके परिवार की सभी बहुओं को चुनरी भेंट करते थे I "चुनरी अर्पण " कि सर्वाधिक ऊँची बोली ग्राम कोदरिया जिला इंदौर के श्री भिलचन्द्र जी सुले ने 1,51,111 रुपये में ली थी I द्वितीय नंबर पर श्री जगन्नाथजी पाटीदार ग्राम जोशीगुराडीयां जिला इंदौर ने 1,11,111 रुपये में उछावणीली थी I
२- नगद दान राशि - ग्यारह उछावणीयों के अलावा ग्राम के सभी परिवार स्वेच्छा से नगद दान राशि प्रदान करते थे I इस योजना में नगद व्यवहार ही था I ग्राम से रथ बिदाई के समय तक ग्राम कि कुल राशि नगद मिल जाती थी I
३- कमरा निर्माण के लिए दान राशि - इंदौर में बनने वाले छात्रावास भवन के कमरे निर्माण हेतु 51,111 रुपये प्रति कमरे के हिसाब से दान संग्रह किया I तदानुसार कमरों के लिए निम्न घोषणाएँ हुई I खरगौन जिले से 66, धार जिले से 26, उज्जैन जिले से 55, सीहोर जिले से 6, इंदौर जिले से 13, देवास जिले से 3, शाजापुर जिले से 1, झाबुआ जिले से 1, अखिल भारतीय पाटीदार समाज शिक्षा महासंघ द्वारा 1 व गुजरात राज्य से 3 कमरों कि घोषणाएँ हुई I इस प्रकार इंदौर में बनने वाले छात्रावास के लिए कुल 175 कमरों कि घोषणाएँ हुई, जिसमे खरगौन जिले से सर्वाधिक संख्या रही I
विशेष दान - भूमि पूजन समारोह के अवसर पर श्री ओं.आर. पटेल , चेयरमेन ओरपेट चेरिटेबल ट्रस्ट मोरबी (गुजरात) ने 2 लाख 50 हजार रुपये दान किये थे I
कुल दान राशि - श्री ज्योतिरथ यात्रा में उछावणीयों, नगद दान , कमरों कि राशि से कुल 4,00,25,471 ( चार करोड़ पच्चीस लाख चार सौ इक्क्तर रु.) रुपये दान राशि में प्राप्त हुये I
ज्योतिरथ प्लान व निर्माण - सर्वप्रथम उमियाधाम करोंदिया (जिला -खरगौन, तहसील - महेश्वर ) ने स्थानीय माँ उमिया मंदिर निर्माण के लिए दान राशि इकठ्ठा करने के उद्देश्य से छोटा रथ बंना कर दान राशि एकत्रित की थी उसी प्लान को बड़े रूप में रखकर स्व. श्रीकेशवलालजी पटेल गुजरात ने काम प्रारम्भ किया I इसके लिए वे खुद उमियाधाम करोंदिया आये और समाजजनो से बातचीत करके रथ के लिए वाहन एवं खर्च राशि दि व उनके कर्मचारी की देखरेख में ज्योतिरथ का निर्माण करोंदिया में करवाया पश्चात यहाँ से गुजरात पहुचायां I गुजरात से दानराशि एकत्रित करने के बाद ज्योतिरथ मध्यप्रदेश आया I उमियाधाम करोंदिया में बने ज्योतिरथ ने गुजरात , मध्यप्रदेश सहित राजस्थान में यात्रा कर दान राशि एकत्रित की पश्चात रथ कि चंडी कि प्रतिकृति बनाकर ज्योतिरथ को अमेरिका भेजा जहाँ पर पाटीदार बहुल इलाकों में ज्योतिरथ को घुमाया गया I

ज्योतिरथ यात्रा कि उपलब्धियाँ
श्री उमिया ज्योतिरथ यात्रा का मध्यप्रदेश पाटीदार समाज पर व्यापक प्रभाव पड़ा I समाज में एकता, भाई-चारा , सहयोग, सहकार एवं संगठन कि भावनाएँ प्रबल हुई I ज्योतिरथ यात्रा के समय ग्रामों में युवा वर्ग में बढ़ते दुर्व्यसनों पर अंकुश लगाने के लिए व्यसन मुक्ति " कि शपथ दिलाई जाती थी, जिसका प्रतिसाद नजर भी आया इस प्रकार के प्रयासों की समाज को और आवश्यकता है I

शिक्षा का अग्रदूत ज्योतिरथ
मध्यप्रदेश पाटीदार समाज के लिए श्री उमिया ज्योतिरथ शिक्षा के ज्योतिर्धर-अग्रदूत के रूप में अवतरित हुआ है I ज्योतिरथ यात्रा से प्राप्त दान राशि का उपयोग मध्यप्रदेस के बड़ें शहर इंदौर में भूमि क्रय करके बालकों का "छात्रावास" एवं पाटीदार समाज के लिए " उमिया पथिकाश्रम की स्थापना करने में किया जावेगा I पश्चात इंदोर शहर में ए.बी. रोड़ पर ग्राम बिजलपुर के पास दस एकड़ जमीन सवा करोड़ में क्रय की गईं उस भूमि पर बालक छात्रावास एवं पथिकाश्रम निर्मित किये है I दोनों भवनों पर लगभग पौने दो करोड़ रुपये खर्च हुए है I इसका शुभारंभ दिनाक 20-6-2011 को गुजरात एवं मध्यप्रदेश पाटीदार समाज की उपस्थिति में संम्पन्न हुआ I बालको की बढती संख्या के अनुसार और भवन बनाना प्रस्तावित है I भविष्य में इस भूमि पर टेक्नीकल, मेडिकल, औधोगिक शिक्षा के लिये शेक्षणिक संस्थान स्थापित करने के उच्च लश्च्य तय किये गए है I

श्री उमिया माताजी संस्थान उंझा का सहयोग
"श्री उमिया परिवार उत्कर्ष निधि ज्योतिरथ " की मध्यप्रदेश यात्रा में समाज शिरोमणी, दानवीर भामाशाह, शिक्षा के अग्रदूत स्व. केशवलालजी पटेल (गुजरात) की प्रेरणा ने बड़ा योगदान दिया I साथ ही गुजरात के कर्मठ कार्यकर्ताओं ने ज्योतिरथ यात्रा को संम्पन्न करने में अभूतपूर्व सहयोग दिया है I मध्यप्रदेश पाटीदार समाज के सहयोग से श्री ज्योतिरथ यात्रा पूर्ण सफल रही I पाटीदार समाज की सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक क्षेत्र में पहचान स्थापित हुई है I श्री उमिया माताजी ने मध्यप्रदेश के पाटीदार समाज को करोड़ पतियों की श्चेणी में खड़ाकर दिया है I जो भूमि ज्योतिरथ की दान राशि से सवा करोड़ में खरीदी थी I आज उसका बाजार मूल्य 50 करोड़ हो गया है I यह सब उमिया माता की कृपा का ही प्रसाद मान रहे है I

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